दोस्तों, मैं सबसे पहले रोशन जसवाल जी का धन्यवादी हूँ जो मुझे ब्लॉग की दुनिया में लाये । अभी मैं जिज्ञासु हूँ , और धीरे धीरे ही आगे बढ़ पाउँगा । कल मैं hike पर व whats apps पर अंग्रेजी के बारे में कुछ प्रकाशित किया था । उसी chain का अगला भाग भी जल्दी की प्रकाशित करूँगा । ये रहा article का ट्रेलर ..... ज़रूरी नहीं कि जो English बहुत अच्छे से जानता है वो ही उसे ठीक से पढ़ा सकता है ।बच्चों को पढ़ाते हुए हम खुद भी तो उसे सीखते रह सकते हैं. देखिये कैसे.हमारी रोजमर्रा की भाषा में करीब २००० शब्द अंग्रेजी से आये हुए है, और हमें पता ही नहीं लगता कि हम ‘अंग्रेजी’ बोल रहे हैं. जैसे:
cup, plate, bus, cycle, train, rail, phone, call, mobile, table, fan, TV, sofa, bell, message, letter, head master, training…
है ना? (एक नोटबुक में इनकी लम्बी सी सूची बनाएं, ताकि आगे के काम संभव बन जाएँ.) तो अब मुद्दा यह है कि क्या हम इनके सहारे अपने बच्चों को बेहतर, या तेज़ी से या कम मुश्किलों के साथ सीखने में मदद कर सकते हैं?
शेष आर्टिकल के लिए इन्तजार करें ।

मुझे पता नहीं लग रहा कि कुछ नया यहाँ कैसे पोस्ट करूँ ?
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